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भारत में हो रही है जी 20 शिखर सम्मेलन। 9 से 10 सितम्बर 2023

G 20 शिखर सम्मेलन 2023 भारत में हो रही है। भारत के राजधानी नई दिल्ली में होने जा रही है जी 20 की बैठक 9 से 10 सितंबर के बीच होने जा रही है। जिसमें विश्व के कई देशों के राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल होने जा रहे हैं। जो पूरे विश्व में अपनी जीडीपी 85 % जो 90 ट्रिलियन डॉलर का हैं । तथा वैश्विक व्यापार के बात करें तो 75 परसेंट जो 24 ट्रिलियन डॉलर की है। भारत इस तरह का इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन पहली बार कर रहा है,जो भारत के दिल्ली के भारत मंडपम में होना है,जिसकी तैयारी साल भर से चल रही थी। भारतमंडपम में काफी आधुनिक रूप से तैयार किए गए हैं ।तथा उसमें सारी सुविधाएं उपलब्ध है एवं उसमें भारत के डिजिटलीकरण तथा भारत के सांस्कृतिक परंपराओं को भी झलक देखने को मिलता है तथा राष्ट्रीय अध्यक्षों के बीच इसके बारे में जानकारी भी दिया जाएगा। यहां बता दें की भारत मंडपम पूरे भारत के अनेक राज्यों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिससे देश की विविधता को भी देखने को मिल रही है।तथा इसके बाहरी दीवारों पर कई प्रकार के भारतीय कलाकृतियां की गई है जो अतिसुंदर और भारतीय संस्कृति के विविधता को दर्शाता है,तथा उनके अलग पहचान दिलाता है कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक का प्रदर्शन लगाए गए हैं और पूरे संदेश देने की कोशिश हो रही है।
भारत में जी20 का 18 वां सम्मेलन है।जी-20 का स्थापना साल 2008 के की गई थी और पहला सम्मेलन अमेरिका में हुआ था।
जी20 क्या है और कब कब इसका सम्मेलन हुआ। G20 का गठन से पहले दरअसल यह जी 7 देश का विस्तार है, जिसमें G7 ग्रुप में कनाडा, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, जापान, इटली और ब्रिटेन इसके सदस्य होते थे। लेकिन 1998 में इसमें रूस जूड़कर इस ग्रुप को जी8 कर दिया।जो आगे चलकर जी 8 का भी विस्तार हुआ।वर्ष 1999 में पूरे एशिया में आर्थिक तंगी चल रही थी। जो कई सालों तक चल रहा था।इसके बाद जी8 का बैठक जर्मनी के बर्लिन में हुआ उसे दौरान जी-20 का गठन किया गया। वर्ष 2007 में जब पूरे विश्व में ग्लोबल इकोनामिक क्राइसिस का दौर चल रहा था, इसके बाद इससे निपटने के लिए जी-20 के समूह को राष्ट्र प्रमुखों के स्तर का हो गया।जिससे कोई निर्णय लिया जा सके और इस संकट से उबरा जा सके। इसके बाद वर्ष 2008 में पहली बार अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी शहर में जी20 का सम्मेलन हुआ था। जी-20 शिखर सम्मेलन का उद्देश्य पूरी दुनिया का प्रमुख और आर्थिक देश का सम्मेलन था,जो देश का सदस्यों के बीच वैश्विक, अर्थव्यवस्था, वित्तीय, व्यवसाय, निवेश और जलवायु परिवर्तन समेत कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होती रही थी। जिसमें दुनिया के जीडीपी में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार समूह में 75% की भागीदारी और विश्व के पटल पर 80% के प्रोडक्शन के साथ अपनी भूमिका को निभाते हुए इस सम्मेलन का सदस्य बने रहे। तथा वर्ष 2008 के गठन के बाद आज तक 18 सम्मेलन हो चुके हैं,जिसमें आज 9 सितंबर को 18वाँ सम्मेलन नई दिल्ली में होने जा रही है पहले 14 से 15 नवंबर 2018 को अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी शहर में कराया गया था, दूसरा सम्मेलन 2009 में 2 अप्रैल को हुआ, तीसरा भी अमेरिका का र्पिट्सबर्ग में 24 और 25 सितंबर 2009 में ही हुआ, चौथ सम्मेलन 26 और 27 जून 2010 को कनाडा के टोरंटो में हुआ, वही बात करें पांचवा सम्मेलन दक्षिण कोरिया के सियोल में 2010 में 11 और 12 नवंबर को संपन्न हुआ,छठ सम्मेलन वर्ष 2011 में 3 और 4 नवंबर को फ्रांस के कांस शहर में आयोजित हुआ।
जी20 का सातवां सम्मेलन साल 2012 में मेक्सिको में 18 और 19 जून में हुआ और इसी साल रूस में आठवां सम्मेलन हुआ वहीं 9वाँ सम्मेलन अमेरिका के पिट्सबर्ग में वर्ष 2014 के 15 और 16 नवंबर में हुआ तथा अगला 2015 में 15 और 16 नवंबर को दसवां तुर्की में आयोजित हुआ, 2016 में 11वां सम्मेलन 4 और 5 सितंबर को चीन में संपन्न किया गया। जी20 का बारहवां सम्मेलन जर्मनी के हैंमबर्ग में वर्ष 2017 के 7 और 8 जुलाई को किया गया। 13वां सम्मेलन वर्ष वर्ष 2018 में 1 दिसंबर को अर्जेंटीना में हुआ 14 शिखर सम्मेलन 2019 के 28 और 29 जून को ओसाका में किया गया 15वां सम्मेलन सऊदी अरब में 2020 में कोरोना के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जारी की शुरुआत नवंबर को हुआ 16 मार्च सम्मेलन 2021 में 30 31 अक्टूबर को इटली के रोम के किया आयोजित किया गया तथा 17वां सम्मेलन 2022 में 15 और 16 नवंबर को इंडोनेशिया में आयोजित किया गया था और आज आने 9 से 10 सितंबर के 2022 को 18 वर्ष सम्मेलन भारत के नई दिल्ली में हो रही है वहीं अगला उड़ीसा सम्मेलन का अध्यक्षता ब्राजील को मिलने वाली है जो 2024 में हो सकता है।
भारत की क्या है चुनौतियां 
भारत जहां अभी जी-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है वहीं भारत के विभिन्न सहयोगी देश और शिखर सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण आयाम रहता है कि भारत जहां टी20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है,तो वहीं विभिन्न सहयोगी देशों के साथ संबंध प्रकट करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। ऐसे में लगभग 15 देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं की प्रधानमंत्री के साथ प्लान है।जिनमें से कल यानी की 8 सितंबर को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शेख हसीना और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जुगानौथ के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं हो चुकी है।जिसमे कई मुद्दों पर बात हुई और आपसी सहमति बनी।जिसके बाद आज भी उनकी नज़रें बनी रहेगी जब उम्मीद की जा रही है की यूके, जर्मनी, फ्रांस के साथ भी और अन्य देशों के साथ भी प्रधानमंत्री का द्वितीय वार्ताएं करेंगे। भारत के यह जिम्मेदारी है कि शिखर सम्मेलन से कुछ ठोस निर्णय निकल कर सामने आए।कुछ ऐसा निकल कर सामने आए जो विश्व के विकास को गति दे,तथा आर्थिक रूपों में  नए आयाम प्रतीत हो। भारत सम्मेलन की अध्यक्षता उसे समय कर रहा है जब कोविड जैसे महामारी से कितने ही देश हैं जो उबर रहे हैं,तथा इस वक्त कोविड महामारी के बाद विभिन्न देशों के अर्थव्यवस्थाएं चरमराई हुई है। ऐसे में सभी देशों को एक जूट होकर आगे बढ़ने का अहवाहन कर रहा है भारत इस भारत मंडपम से।
यहां बता दे कि भारत मंडपम का दृश्य अति ही मनमोहक और खूबसूरत है जब रात का समय में भारत मंडपम की छवि जगमगा उड़ती है तो यह उम्मीद लगाए जा रहा है कि इसी तरह से पूरे रोशनी को पूरे विश्व  जगमगा जाएगी तथा विकास में एक अहम योगदान रहेगी।और ऐसे में आज भी मौसम का बेहद सुहाने पल था जो मौसम विज्ञान के अनुसार अच्छा रहने वाला है। भारत पूरी तरह से तैयार है अपने गणमान्य अतिथि का सत्कार करने के लिए या विभिन्न राष्ट्र अध्यक्षों का और  शक्तिशाली नेताओं का।
और यह विभिन्न राष्ट्र जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में विराजमान है इस सभी राष्ट्र का और राष्ट्रीय अध्यक्षों को एक ही मंच पर आज एकत्रित होना एक महत्वपूर्ण बात है।इस सम्मेलन में किन शब्दों में विचार किए जाएंगे जब यह सामने होगा यहां देखना यह भी होगा कि रूस और यूक्रेन क्राइसिस को लेकर के क्या कुछ भारत के प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। और भारत अपने आप को किसी और देखता है उसके बारे में भी चर्चा की जा सकती है, जहां तक की बात है कि भारत ने अपने आप को इन सब से किनारे करते हुए इस मंच को एक वैश्विक आर्थिक आर्थिक और विश्व की विकास के लिए उपयोग करेगी ना की ना किसी वैश्विक क्राइसिस के मुद्दे को। प्रस्तावना को भी चर्चा करेगी। यहां देखना यह भी है कि भारत मुद्दे पर किस रूप से अपने आप को बचती है तथा चर्चा में भाग लेते हैं। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इस बार भारत जिस तरीके से पूरे विश्व की विकास के बारे में बात कर रहे हैं ऐसे में विभिन्न देशों अपना सोच को एक ओर एक तरफ रखते हुए विश्व के विकास में एकजुट होने का आह्वान में भारत की साथ जुड़ेंगे इस बात की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि भारत भी लगातार यही प्रयास कर रहा है कि विभिन्न देशों के अलग-अलग आवाजों के कैसे एक साथ एक मंच पर लाया जा सके और ऐसे में विभिन्न देशों को चर्चाओं में भी शामिल किया जा सके भारत के बाद इस वर्ष जो 18 सम्मेलन शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। अभी कई देश इस दौर से होकर गुजर रही हैं ,जब विश्व कोविड महामारी से बाहर निकल रहा है बहुत से ऐसे देश हैं जो अभी भी निकल रहे हैं ऐसे में विकासशील देशों के पास जो चुनौतियां हैं और आर्थिक रूप से देश के विकास किस प्रकार हो तथा अपने-अपने कई वैश्विक मुद्दों पर भी बात की जाएगी इसलिए इस बार के जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत में एक नए आयाम देने का प्रयास किया है।
जा20 का पहले सत्र का मुद्दा है वन अर्थ ,वन फैमिली,
इसपे आए दिन पृथ्वी पर हो रहे पर्यावरण बदलाव पर चर्चा की जाएगी।
जी-20 समिट के पहले दिन मेहमान देखेंगे म्यूजिक जर्नी ऑफ इंडिया
G20 समित 2022 9 और 10 सितंबर को हो रही है इसी दिन म्यूजिक जर्नी ऑफ इंडिया कार्यक्रम का आयोजन होगा इसके देशभर से आए 78 कलाकार अपने कला का प्रदर्शन प्रदर्शन करेंगे जिसमें पहला कार्यक्रम शाम 6 से 7 बजे तक होगा इसके बाद 7:00 बजे से 8:00 बजे तक भारत तो वैद्य दर्शनाम कार्यक्रम होगा जिनमें कई प्रकार के वाद्य यंत्र को कार्यक्रम किया जाएंगे यही ट्रेडिशनल भक्ति संगीत का भी कार्यक्रम होगा जिसमें पूरे देश के संस्कृत के बारे में जानने को मिलेगा।
AI एंकर द्वारा स्वागत
कार्यक्रम के शुरू में एंट्री पर AI होलोबॉक्स रखा है जो इस होलोबॉक्स में AI एंकर दिखाई देती है।जो भारतीय परिधानों में है यह एंकर विदेशी मेहमानों को स्वागत करेगी। इनमें एडवांस वॉइस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी है जो रियल एंकर वाली फिल देती है।
हलो बॉक्स से फेस रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की गई है अगर कोई राष्ट्रपति मान ले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन होलोबॉक्स के सामने खड़े होते हैं, तो एंकर उन्हें पहचान लेगी और फिर उसी के भाषा में बात करेगी आणि इस प्रकार सारे राष्ट्रीय अध्यक्षों के भाषण का कोडिंग किया गया है जो AI का ऑफिशियल तरीके से अपनी प्रदर्शन कर सकेंगे।
5 हजार वर्ष का इतिहास दर्साए गए हैं वॉल ऑफ डेमोक्रेसी में
* विदेशी अतिथियों को भारत का 5000 साल पूर्व का लोकतांत्रिक इतिहास देखने को मिलेंगे जो वॉल ऑफ डेमोक्रेसी पर लगाए गए है। यह दीवारें 26 स्क्रीन पैनल मिलकर बनी हुई है इस 26 पैनल में अलग-अलग समय की कहानी को प्रदर्शित किए गए हैं।
* इनमें दर्शाए गए भारत मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी, वैदिक काल, सिंधु घाटी सभ्यता, रामायण, महाभारत, महाजनपद और गणतंत्र, जैन धर्म, बौद्ध धर्म, कौटिल्य और अर्थशास्त्र, मेगास्थनीज, सम्राट अशोक, पाल साम्राज्य के खालिमपुर, ताम्रपत्र, श्रेणी संघ, फरहान, तमिलनाडु के प्राचीन शहर उथीरामेरुर, लोकतंत्र का दार्शनिक आधार, कृष्ण देव राय, अकबर, शिवाजी, स्थानीय स्वशासन, भारतीय संविधान, आधुनिक भारत में चुनाव शामिल है। यह सभी विषयों पर कहानी लगी है तथा इनमें जानने का अवसर प्राप्त होगा। 
* हर पैनल में डायरेक्शन ऑडियो लगाए गए हैं इसमें प्ले होने वाला ऑडियो सिर्फ पैनल के सामने खड़े शख्स को ही सुनाई देगा। अगर आप पैनल के सिद्ध में खड़े नहीं है तो ऑडियो नहीं सुन सकते हैं। तथा इस प्रदर्शनी में मिलने वाले जानकारी को 16 भाषाओं में सुनी जा सकती है। और यहां तक की जो व्यक्ति उसे पैनल के पास होगा उसे पहचान कर उसी की भाषा में ऑडियो सुनाएगा।
* वैश्विक नेताओं को समेत में स्वागत कर रहे हैं वहां मोदी के पीछे कोणार्क के सूर्य मंदिर की सूर्य घड़ी है जो एक भारत के विरासत की झलक को प्रदर्शित करता है।
कई संस्थाओं ने भारत की प्रशंसा
वर्ल्ड बैंक
वर्ल्ड बैंक में जी 20 शिखर सम्मेलन से पहले भारत की प्रशंसा करते हुए कहा है कि भारत भी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर DPI के फाइनेंशियल इवोल्यूशन में 6 सालों में जितनी उन्नति की है उसमें सामान्य तौर पर 5 दशक यानी 50 साल का समय लग जाता है।
यानी भारत सरकार ने 50 साल का कम मात्रा 6 सालों में कर दिया है फाइनेंशियलबॉडी ने कहा है कि इस उपलब्धि में उपयोगी जनधन अकाउंट और मोबाइल कनेक्टिविटी का यह हम योगदान है जिससे यह सारी प्रकार के कार्य संपन्न हो पाया है।
वर्ल्ड बैंक ने G20 ग्लोबल पार्टनरशिप फॉर फाइनेंशियल इक्वीनलूजन इकलूजन  GPFI नाम के अपने डॉक्यूमेंट में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप में भारत ने UPI, जनधन अकाउंट, आधार कार्ड ओएनडीसी और Cowin जैसी योजनाओं से काफी बेहतर डेवलप किया। और साथ ही साथ कोरोना कल में पूरे देश में मुफ्त में आना उपलब्ध कराए गए खाद्य पदार्थ का भी योजना सफल साबित हुआ।
क्या कहती है वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट
वित्तीय क्षेत्र में जनधन योजना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर ने काफी बड़ा एवं भूमिका निभाया है।
भारत की DPI ने पब्लिक सेक्टर हो या  सरकारी तो है ही पर प्राइवेट सेक्टर में भी काफी कैपेसिटी बड़ी है।

भारत ने जो 50 साल की कम को केवल 6 माह में अपने फाइनेंशियल इवोल्यूजन दर को 2008 में 25 परसेंट से 80% तक बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई की सफलता को भी प्रमुखता माना गया है। और कहा गया है कि यूपीआई से ट्रांजैक्शन की राशि भारत की जीडीपी के आधा से ज्यादा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत और सिंगापुर के बीच इस साल फरवरी में हुई यूपीआई ट्रांजैक्शन में तेज,सस्ती और ट्रांजैक्शन ट्रांसपेरेंट क्रॉस बॉर्डर सुविधा दी गई है।

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