Type Here to Get Search Results !

सहारा इंडिया में फंसा निवेशकों का पैसा, अब मिलेगा वापस | जाने पूरी प्रक्रिया।

सहारा इंडिया में फंसा निवेशकों का पैसा अब मिलेगा वापस गृह मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया सहारा पोर्टल:
सहारा इंडिया के निवेशकों का फसा पैसा अब वापस मिलेंगे।दरअसल हाल ही में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक पोर्टल लॉन्च किया। जिससे सहारा में जमा पैसा को निकाला जा सकता है जिसका नाम सहारा रिफंड पोर्टल है।बता दें कि सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल के जरिए वह लोग अपना पैसा ऑनलाइन डिजिटल मोड से अपने खाते में पा सकेंगे,जिनका पैसा सहारा इंडिया में फंसा हुआ है। अगर आप भी सहारा इंडिया में फंसा पैसा पाना चाहते हैं तो पूरी प्रक्रिया के साथ बताने वाले हैं तथा आप सेबी सहारा रिफंड ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं सहारा इंडिया पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद 15 से 45 दिन के भीतर आपका पैसा आपके खाते में आ जाएगी।
  • केंद्रीय रजिस्ट्रेशन सहारा रिफंड पोर्टल
  • सरकार का नाम : केंद्र सरकार
  • पोर्टल का नाम : सेंट्रल रजिस्ट्रेशन सहारा इंडिया पोर्टल 
  • पोर्टल लॉन्च किया : गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह
  • पोर्टल लॉन्च तिथि : 18 07 2023
  • लाभार्थी : 10 करोड़ से ज्यादा निवेशक
  • श्रेणी : सहारा रिफंड
  • आवेदन की प्रक्रिया : ऑनलाइन
  • स्थान : भारत
सहारा रिफंड पोर्टल का उद्देश्य
सहारा इंडिया में जमा किए गए निवेशकों की रकम को निकालने के लिए भारत सरकार के केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री ने सहारा रिफंड  पोर्टल का लॉन्च किया है। जिसके माध्यम से सहारा इंडिया में फंसे पैसे को वापस किया जाएगा
सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल पर सभी लोगों को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा एवं अपने निवेश धन का विवरण देना होगा जिसके बाद 15 से 45 दिन के भीतर आपके खाते में पैसा जमा कर दिया जाएगा।
इसकी शुरुआत 5000 करोड़ रुपये और चार करोड़ निवेशकों से हो रही है सहारा इंडिया रिफंड सोसाइटीज ने निवेशकों से 86000 करोड़ से ज्यादा जुटाए थे।

इसमें बिहार,झारखंड,उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के निवेशकों का पैसा पहले चरण में वापस किए जाएंगे।
सहारा इंडिया रिफंड किस पर करें (CRCS)ऑनलाइन
 सहारा रिफंड पोर्टल का लिंक केंद्रीय रजिस्ट्रेशन सहारा रिफंड पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट www.mocrefund.cres.gov.in पर कर सकते हैं जिसे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी द्वारा 18 जुलाई दोपहर 2:00 बजे लांच किया गया है।

सहारा रिफंड पोर्टल की प्रक्रिया

प्रथम चरण में सहारा के निवेशकों को सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से 5000 करोड का वापसी किए जाएंगे,जो प्रत्येक निवेशक को अधिकतम ₹10000 मिलेंगे। और यदि यह प्रक्रिया सफल रही तो बाकी के सारे पैसे इसी प्रक्रिया से वापस किए जाने की संभावना है।लगभग 1.7 करोड़ निवेशक ऐसे हैं जिन्हें पूरा पैसा मिलेगा क्योंकि उनका निवेश ₹10000 तक का ही है। अमित शाह ने कहा कि "पहले फेज में कुल चार करोड़ निवेशकों का रिफंड दिया जाएगा ₹5000 करोड़ के रिफंड के बाद हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और उनसे ज्यादा फंड इजात करने का अनुरोध करेंगे ताकि 10,000 से ज्यादा राशि वाले निवेशकों को पूरा पैसा लौटाए जा सकें।"

चार कोऑपरेटिव कोऑपरेटिव सोसाइटी के निवेशक ही कर सकेंगे आवेदन जाने
सहारा इंडिया के निवेशकों को यह जानकारी होनी चाहिए की सरकार की ओर से लांच किए गए इस पोर्टल से उन निवेशकों का पैसा वापस मिल सकेगा जिन्होंने इन चार स्कीम में निवेश किया हुआ था :
  • सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड।
  • स्टार्स मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसायटी।
  • सहारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड।
  • सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी लिमिटेड।
सहारा इंडिया पोर्टल के लिए महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट
  • पॉलिसी नंबर
  • आधार कार्ड नंबर
  • बैंक खाता पासबुक
  • आधार से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर
  • ई पैन कार्ड (यदि दावा राशि 50,000 या उससे अधिक) आवेदनकर्ता का दावा राशि 50000 या उससे अधिक है तो आवेदन कर्ता के पास पैन कार्ड होना अनिवार्य है,अगर नहीं है तो बनवा लें।
  • निवेशक के पास आधार से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर
  • आधार से जुड़ा हुआ बैंक अकाउंटभी होना जरूरी है। •आधार कार्ड बैंक से लिंक है या नहीं इसीकी जांच के लिए UIDAI के ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
  • निवेशकों को सभी प्रकार के निवेश का डिटेल्स एक ही दावा फॉर्म में जोड़ कर देना होगा तथा फोटोकॉपी भी अपलोड करनी होगी।
  • जमाकर्ता जमा करने के बाद कोई भी दवा नहीं जोड़ सकता है।
  • दवा सफलतापूर्वक प्रस्तुत होने पर पोर्टल पर एक रसीद संख्या के साथ आपका फॉर्म का सबमिट कॉपी भी आएगा उसे डाउनलोड कर के सुरक्षित से रख ले। •आवेदन फॉर्म अप्रूवल के बाद जिस तारीख को फॉर्म भरे उसके 15 से 45 दिन के अंदर आपका खाता में पैसा भेजा जाएगा।
सहारा रिफंड पोर्टल ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
सहारा रिफंड पोर्टल रजिस्ट्रेशन भरने के लिए केंद्रीय रजिस्ट्रेशन भारत सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट mocrefund.cres.gov.in पर जाकर जल्द ही अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें।
  • सबसे पहले mocrefund.cres.gov.in पोर्टल पर जाएं।
  • पोर्टल के होम पेज पर जमाकर्ता रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें।
  • उसके बाद अपने आधार कार्ड के अंतिम 4 डिजिट दर्ज करें।
  • इसके बाद आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर डालें। •सेंड ओटीपी पर क्लिक करें और ओटीपी आने पर दर्ज करें।
  • रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर जमाकर्ता लॉगिन पर क्लिक करें।
  • दोबारा आधार और मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी डालें।
  • नियम और शर्तों को पढ़कर मैं सहमत हूं अथवा आई एग्री पर क्लिक करें।
  • इसके बाद अपनी पूरी विवरण डालें जैसे बैंक का नाम, जन्म तिथि,पॉलिसी नंबर आदि।
  • इसके बाद जमा प्रमाण पत्र आने पासबुक का फोटो कॉपी के साथ अनुरोध फॉर्म को पूरा ठीक से भरें।
  • फिर कौन सा स्कीम में आप निवेश किए हैं वो,सोसाइटी का नाम,सदस्यता नंबर, पॉलिसी नंबर,जमा राशि आदि डिटेल्स भरे और सबमिट कर दें।
  • सबमिट के बाद एक रसीद नंबर मिलेगा उसे डाउनलोड कर सुरक्षित से रख ले।
  • यहां सभी प्रकार की डॉक्यूमेंट को 3 एमबी के अंदर ही फाइल बनाकर अपलोड करना है।
  • सबमिट के बाद एक रसीद नंबर मिलेगा उसे डाउनलोड कर लें और सुरक्षित से रखें।
जानें क्या है सहारा इंडिया स्कैम:
सहारा इंडिया की शुरुआत 1978 ई में हुई थी।
यह यह कॉरपोरेटिव कंपनी के रूप में सामने उभर करा आया जो उस समय मार्केट में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए काफी लुभावने प्लान को लोगों के बीच लाया और लोगों को रिटर्न भी तथा फायदा भी दिया। जिससे लोगों का विश्वास भी जितने में कायम हुआ। जहां उस समय बैंकों में एफडी कराने पर 5 से 6 पर्सेंट मिलता था वहां सहारा ने एफडी पर 11 से 12 परसेंट तक सालाना ब्याज देने का वादा करता था।
दूसरों की तुलना में यह ज्यादा रिटर्न देता था सहारा।
डेली, मंथली,क्वार्टरली, एनुअली एफडी जैसी सुविधाएं सहारा देता था।
सहारा कई तरह का प्लान चलाता था जो काफी फ्लैक्सिबल थे, जहां लोगों को विश्वास जीता जो अपना निवेश जारी भी रखा।

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2012 में सहारा ग्रुप की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन (SIRECL)और सहारा हाउसिंग इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड(SHICL)को इन्वेस्टर्स का पैसा लौटाने के निर्देश के बाद सहारा ने सेबी एसक्रो अकाउंट खोलने का कार्य किया गया था। जिसमें सहारा ग्रुप की ओर से पैसा जमा करवाया गया था।जिसमें से सेबी को कुछ गड़बड़ी का शंका हुआ और जांच का आदेश दिया। उसे सहारा के दोनों ग्रुप में गलतियां दिखी तो यह दोनों कंपनियों को जांच के दायरे में लिया गया।

यह मामला 30 सितंबर 2009 से शुरू हुई है जब से सहारा ग्रुप के एक कंपनी ने आईपीओ के लिए सेबी में आवेदन दिया जिस के आवेदन पर सेबी ने जांच पड़ताल शुरू किया,जहां उसे कुछ संदेह हुआ और आगे की कार्रवाई हुई।

नवंबर 2010 : सेबी ने सहारा की दो कंपनियों के खिलाफ आंतरिक जांच के आदेश जारी किया जिसमें कहा गया था कि निवेशिकों से लौट आए जुटाए गए धन वापस किया जाए।

फिर सुप्रीम कोर्ट ने जून 2011 में अपने सुनाए गए फैसले पर सेबी ने पूर्णरूपेण से अपनी पक्ष रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि सहारा निवेशकों का पैसा लौटाए।पर सहारा ग्रुप ने इस फैसले को पूरी जोर से असहमति जताई और सिक्योरिटी एपिलेट ट्रिब्यूनल में जाकर इस फैसले से विरोध दर्ज कराई।

वहीं अक्टूबर 2011 में सिक्योरिटीज एपीलेट  ट्रिब्यूनल सेबी के आदेश को सही करार देते हुए सहारा के दोनों कंपनियों से तीन करोड़ निवेशकों को 25782 करोड रुपए लौटाने को कहा गया।
  • सहारा इंडिया के बैंक खाते को फ्रीज करना शुरू कर दिया गया।
  • अप्रैल 2013 में सहारा को दायर आईपीओ के आवेदन को सेबी ने बंद कर दी।
  • 28 फरवरी 2014 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुब्रत राय को लखनऊ पुलिस में अपनी हिरासत में ले लिया। •सुब्रत राय 2016 में पैरोल पर जेल से बाहर आए 2 साल से ज्यादा समय तक तिहाड़ जेल में सजा को काट चुके हैं या रहे है।
सहारा रिफंड की प्रक्रिया जस्टिस सुभाष रेड्डी की देखरेख में की जाएगी
निवेशक या जमाकर्ता का रकम सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आर सुभाष रेड्डी की देखरेख में वापस किया जाना तय हुआ है।इस पक्रिया में असिस्ट के रूप में एडवोकेट गौरव अग्रवाल अपनी भूमिका निभाएंगे और निवेशकों तक राशि को सुचारू रूप से पहुंचाएंगे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.